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Friday, January 15, 2021

RBI CALAENDRE 2021 CHALANI SIKKA MATE UPYOGI

 RBI CALAENDRE 2021 CHALANI SIKKA MATE UPYOGI

1 Arrival of European people in India At the next level we learned that years ago our country was at the forefront of the world.  Our country had a unique significance in the world.  People from home and abroad were being influenced by our prosperity and culture.  

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Tuesday, August 4, 2020

Medieval Architecture, Cities, Merchants and Craftsmen Medieval Architecture part 1


Medieval Architecture, Cities, Merchants and Craftsmen Medieval Architecture part 1

Gk for Gpsc, upsc and other compititive exam
General knolwedge for All upsc exam 

Indian Sculpture - The arts have a unique and long historical heritage.  India is world famous for its rich cultural heritage of art and architecture.  Starting from ancient times. Stupas and column inscriptions during Maurya era in different provinces during different periods, construction in Gandhara and Mathura style during Anumurya era, construction of palaces, stupas, pillars, monasteries, buildings and temples during Gupta period.  Happened.  During the Middle Ages, there were a large number of structures built by Pal, Pratihar, Rashtrakuta, Rajput, Delhi Sultanate and various places built by the Mughal Empire such as Vav, lakes, temples and mosques.  
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Wednesday, July 22, 2020

history of india Maurya era Part 2 gk of india

 history of india Maurya era Part 2

Gpsc general knowledge article.
IAS General knowledge article


 Emperor Ashoka:


              (273 BC to 232 BC): Ashoka was crowned in the capital Pataliputra four years after his accession to the throne due to a conflict with his elder brother Sushim and other half-brothers after the death of his father Bindusara.  After the coronation, Ashoka increased the area inherited from his father. 

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history of india Maurya era Part 1

 history of india Maurya era Part 1
Gpsc general knowledge article.
IAS General knowledge article


          Chandragupta and Emperor Ashoka: Since it was a Sunday, all the children of the society gathered to play cricket on the field.  Elegant and Jalth team provided.  Bounce the coin to determine batting or bowling.  Jalpa spoke: King.  The coin fell to the ground below the air.  King fell so Jalp asked for batting.  Standing next to him, Hetansh spoke: Where did the figure of the lion given on the coin come from?  Bhavya explained to him: The figure of a lion on a coin is King.  
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Sunday, July 19, 2020

Buddha and Mahavira in search of peace Indian history general knowldege


Buddha and Mahavira in search of peace  
Indian history general knowldege


               In the sixth century BC, important works took place in the field of social and religious reform in India.  Is.  Some great reformers worked against curiosities, social inequality, and immorality that entered the social and religious spheres in the sixth century BC.  Gautam Buddha and Mahavira Swami are the main ones.  We will try to understand the life of Gautama Buddha and Mahavira Swami, his sadhana and the human religion he founded. 

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Saturday, July 18, 2020

Early state system of India in indian history

Early state system of India in indian history
General. knowledge india in english 


Early state system of India 

                     We get information about political system and institutions in India from Vedas, epics and Buddhist scriptures.  In the Riglad period or Vedic period, the form of state system was similar to that of the tribal system.  Its head was called the kingdom whose election took place.  Political institutions such as meetings and committees existed.  This community was also called 'Wish'. 
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Thursday, January 30, 2020

Monday, October 29, 2018

5 vishal yuddh jis ne bharat ka itihas hamesha ke liye badal diya | India history

INDIAN HISTORY 
INDIA HISTORY KE VIDEO 

Bharat me huye 5 bade yuddh jis ne bharat ka itihas badal ke rakh diya hai. Ye 5 bade yuddh ke bare me jane ye video ke jariye
Indian war history in this video 
Bharat ke itihas me huye 5 bade yuddh ke bare me janane ke liye ye video delhe.
Video ke liye me secret india tv you tube chanek ka aabhar manta hu.
History me jo interest rakhte ye unke liye ye jankari bahot badhiya hai.
Kya aap jante hai Bharat me huye bade yuddh ke bare me agar nahi jante hai to aapko ye video ke jariye janane milega.
Social science material aap ke liye ye bahot hi badhiya jankari laya hai. To aap hamare blog se jude rahe.

5 vishal yuddh ke bare me janane ka video 


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Monday, October 15, 2018

INDIA HISTORY IN HINDI BHARAT KA ITIHAS HINDI ME MUGHAL BADSHAH AURANGZEB KE BARE ME HUNDI ME JANE

INDIA HISTORY IN HINDI BHARAT KA ITIHAS HINDI
MUGHAL BADSHAH AURANGZEB KE BARE ME HINDI ME JANE

अबुल मुज़फ़्फ़र मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगज़ेब आलमगीर (3 नवम्बर १६१८ – ३ मार्च १७०७) जिसे आमतौर पर औरंगज़ेब या आलमगीर (प्रजा द्वारा दिया हुआ शाही नाम जिसका अर्थ होता है विश्व विजेता) के नाम से जाना जाता था भारत पर राज्य करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन १६५८ से लेकर १७०७ में उसकी मृत्यु होने तक चला। औरंगज़ेब ने भारतीय उपमहाद्वीप पर आधी सदी से भी ज्यादा समय तक राज्य किया। वो अकबर के बाद सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाला मुग़ल शासक था। अपने जीवनकाल में उसने दक्षिणी भारत में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार करने का भरसक प्रयास किया पर उसकी मृत्यु के पश्चात मुग़ल साम्राज्य सिकुड़ने लगा।
औरंगज़ेब के शासन में मुग़ल साम्राज्य अपने विस्तार के चरमोत्कर्ष पर पहुंचा। वो अपने समय का शायद सबसे धनी और शातिशाली व्यक्ति था जिसने अपने जीवनकाल में दक्षिण भारत में प्राप्त विजयों के जरिये मुग़ल साम्राज्य को साढ़े बारह लाख वर्ग मील में फैलाया और १५ करोड़ लोगों पर शासन किया जो की दुनिया की आबादी का १/४ था।

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INDIA HISTORY IN HINDI BHARAT KA ITIHAS IN HINDI MUGHAL BADSHAH SHAH JANHA KE BARE ME HINDI ME JANE

INDIA HISTORY IN HINDI BHARAT KA ITIHAS IN HINDI
MUGHAL BADSHAH SHAH JANHA KE BARE ME HINDI ME JANE


शाह जहाँ  मुग़ल शहंशाह थे शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है जिसने अपनी बेग़म मुमताज़ बेगम के लिये विश्व की सबसे ख़ूबसूरत इमारत ताज महल बनाने का यत्न किया।
सम्राट जहाँगीर के मौत के बाद, छोटी उम्र में ही उन्हें मुगल सिंहासन के उत्तराधिकारी के रूप में चुन लिया गया था। 1627 में अपने पिता की मृत्यु होने के बाद वह गद्दी पर बैठे। उनके शासनकाल को मुग़ल शासन का स्वर्ण युग और भारतीय सभ्यता का सबसे समृद्ध काल बुलाया गया है। 

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INDIA HISTORY IN HINDI MUGHAL BADSAH JAHANGIR KE BARE ME JANE HINDI ME

INDIA HISTORY IN HINDI
MUGHAL BADSAH JAHANGIR KE BARE ME JANE HINDI ME
जहाँगीर अकबर के पुत्र थे। सलीम, मुराद और दानियाल (मुग़ल परिवार)। मुराद और दानियाल पिता के जीवन में शराब पीने की वजह से मर चुके थे। सलीम अकबर की मृत्यु पर नुरुद्दीन मोहम्मद जहांगीर के उपनाम से मुगल बादशाह बना। १६०५ ई. में कई उपयोगी सुधार लागू किए। कान और नाक और हाथ आदि काटने की सजा रद्द कीं। शराब और अन्य नशा हमलावर वस्तुओं का हकमा बंद। कई अवैध महसूलात हटा दिए। प्रमुख दिनों में जानवरों का ज़बीहह बंद. फ़्रीआदीं की दाद रस्सी के लिए अपने महल की दीवार से जंजीर लटका दी। जिसे जंजीर संतुलन कहा जाता था। 1605 ई. में उसके सबसे बड़े बेटे ख़ुसरो ने विद्रोह कर दिया। और आगरे से निकलकर पंजाब तक जा पहुंचा। जहांगीर ने उसे हराया. सिखों के 5वें गुरु अर्जुन देव जो ख़ुसरो की मदद कर रहे थे, को फांसी दे दी गयी। १६१४ ई. में राजकुमार खुर्रम शाहजहां ने मेवाड़ के राणा अमर सिंह को हराया। १६२० ई. में कानगड़ह स्वयं जहांगीर ने जीत लिया। १६२२ ई. में कंधार क्षेत्र हाथ से निकल गया। जहांगीर ही समय में अंग्रेज सर 'टामस रो' राजदूत द्वारा, पहली बार भारतीय व्यापारिक अधिकार करने के इरादे से आया। १६२३ ई. में खुर्रम ने विद्रोह कर दिया। क्योंकि नूरजहाँ अपने दामाद शहरयार को वली अहद बनाने की कोशिश कर रही थी। अंत 1625 ई. में बाप और बेटे में सुलह हो गई।

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INDIA HISTORY IN HINDI MUGHAL BADSHAH AKBAR KE BARE ME JANE HINDI ME

INDIA HISTORY IN HINDI 
MUGHAL BADSHAH AKBAR KE BARE ME JANE HINDI ME
जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर  (१५ अक्तूबर१५४२-२७ अक्तूबर१६०५)  तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था।अकबर को अकबर-ऐ-आज़म (अर्थात अकबर महान), शहंशाह अकबर, महाबली शहंशाह के नामसे भी जाना जाता है। सम्राट अकबर मुगलसाम्राज्य के संस्थापक जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का पौत्र और नासिरुद्दीन हुमायूं एवं हमीदा बानो का पुत्र था। बाबर का वंश तैमूर और मंगोल नेता चंगेज खां से संबंधित था अर्थात उसके वंशज तैमूर लंग के खानदान से थे और मातृपक्ष का संबंध चंगेज खां से था। अकबर के शासन के अंत तक १६०५ में मुगल साम्राज्य में उत्तरी और मध्य भारत के अधिकाश भाग सम्मिलित थे और उस समय के सर्वाधिक शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था। बादशाहों में अकबर ही एक ऐसा बादशाह था, जिसे हिन्दू मुस्लिम दोनों वर्गों का बराबर प्यार और सम्मान मिला। उसने हिन्दू-मुस्लिम संप्रदायों के बीच की दूरियां कम करने के लिए दीन-ए-इलाहीनामक धर्म की स्थापना की। उसका दरबार सबके लिए हर समय खुला रहता था। उसके दरबार में मुस्लिम सरदारों की अपेक्षा हिन्दू सरदार अधिक थे। अकबर ने हिन्दुओं पर लगने वाला जज़िया ही नहीं समाप्त किया, बल्कि ऐसे अनेक कार्य किए जिनके कारण हिन्दू और मुस्लिम दोनों उसके प्रशंसक बने।अकबर मात्र तेरह वर्ष की आयु में अपने पिता नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायुं की मृत्यु उपरांत दिल्ली की राजगद्दी पर बैठा था। अपने शासन काल में उसने शक्तिशाली पश्तून वंशज शेरशाह सूरी के आक्रमण बिल्कुल बंद करवा दिये थे, साथ ही पानीपत के द्वितीय युद्ध में नवघोषित हिन्दू राजा हेमू को पराजित किया था। अपने साम्राज्य के गठन करने और उत्तरी और मध्य भारत के सभी क्षेत्रों को एकछत्र अधिकार में लाने में अकबर को दो दशक लग गये थे। उसका प्रभाव लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर था और इस क्षेत्र के एक बड़े भूभाग पर सम्राट के रूप में उसने शासन किया। सम्राट के रूप में अकबर ने शक्तिशाली और बहुल हिन्दू राजपूत राजाओं से राजनयिक संबंध बनाये और उनके यहाँ विवाह भी किये।

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INDIA HISTORY IN HINDI MUHGHAL BADSHAH SHERSHAH SURI KE BARE ME JANE HINDI ME

INDIA HISTORY IN HINDI
MUHGHAL BADSHAH SHERSHAH SURI KE BARE ME JANE HINDI ME
शेरशाह सूरी (1472-22 मई 1545) जन्म का नाम फ़रीद खाँ) भारत में जन्मे पठान थे, जिन्होनें हुमायूँ को 1540 में हराकर उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य स्थापित किया था। शेरशाह सूरी ने पहले बाबर के लिये एक सैनिक के रूप में काम किया था जिन्होनें उन्हे पदोन्नति कर सेनापति बनाया और फिर बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया। 1537 में, जब हुमायूँ कहीं सुदूर अभियान पर थे तब शेरशाह ने बंगाल पर कब्ज़ा कर सूरी वंश स्थापित किया था।  सन् 1539 में, शेरशाह को चौसा की लड़ाई में हुमायूँ का सामना करना पड़ा जिसे शेरशाह ने जीत लिया। 1540 ई. में शेरशाह ने हुमायूँ को पुनः हराकर भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया और शेर खान की उपाधि लेकर सम्पूर्ण उत्तर भारत पर अपना साम्रज्य स्थापित कर दिया।
एक शानदार रणनीतिकार, शेर शाह ने खुद को सक्षम सेनापति के साथ ही एक प्रतिभाशाली प्रशासक भी साबित किया। 1540-1545 के अपने पांच साल के शासन के दौरान उन्होंने नयी नगरीय और सैन्य प्रशासन की स्थापना की, पहला रुपया जारी किया है, भारत की डाक व्यवस्था को पुनः संगठित किया और अफ़गानिस्तानमें काबुल से लेकर बांग्लादेश के चटगांव तक ग्रांड ट्रंक रोड को बढ़ाया। साम्राज्य के उसके पुनर्गठन ने बाद में मुगल सम्राटों के लिए एक मजबूत नीव रखी विशेषकर हुमायूँ के बेटे अकबर के लिये।


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INDIA HISTORY IN HINDI MUGHAL BADSHAH HUMAYU KE BARE ME JANKARI HINDI ME

INDIA HISTORY IN HINDI
MUGHAL BADSHAH HUMAYU KE BARE ME JANKARI HINDI ME
हुमायूँ एक मुगल शासक था। प्रथम मुग़ल सम्राट बाबर के पुत्र नसीरुद्दीन हुमायूँ (६ मार्च १५०८ – २२ फरवरी, १५५६) थे। यद्यपि उन के पास साम्राज्य बहुत साल तक नही रहा, पर मुग़ल साम्राज्य की नींव में हुमायूँ का योगदान है।
बाबर की मृत्यु के पश्चात हुमायूँ ने १५३० में भारत की राजगद्दी संभाली और उनके सौतेले भाई कामरान मिर्ज़ा ने काबुल और लाहौर का शासन ले लिया। बाबर ने मरने से पहले ही इस तरह से राज्य को बाँटा ताकि आगे चल कर दोनों भाइयों में लड़ाई न हो। कामरान आगे जाकर हुमायूँ के कड़े प्रतिद्वंदी बने। हुमायूँ का शासन अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के हिस्सों पर १५३०-१५४० और फिर १५५५-१५५६ तक रहा।
भारत में उन्होने शेरशाह सूरी से हार पायी। १० साल बाद, ईरान साम्राज्य की मदद से वे अपना शासन दोबारा पा सके। इस के साथ ही, मुग़ल दरबार की संस्कृति भी मध्य एशियन से इरानी होती चली गयी।
हुमायूँ के बेटे का नाम जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर था।

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INDIA HISTORY IN HINDI MUGHAL BADSHAH BAHADUR SHAH ZAFAR KE BARE ME JANKARI HINDI ME

INDIA HISTORY IN HINDI
MUGHAL BADSHAH BAHADUR SHAH ZAFAR KE BARE ME JANKARI HINDI ME
जफर का जन्म 24 अक्तूबर, 1775 में हुआ था। उनके पिता अकबर शाह द्वितीय और मां लालबाई थीं। अपने पिता की मृत्यु के बाद जफर को 18 सितंबर, 1837 में मुगल बादशाह बनाया गया। यह दीगर बात थी कि उस समय तक दिल्ली की सल्तनत बेहद कमजोर हो गई थी और मुगल बादशाह नाममात्र का सम्राट रह गया था।
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जफर को भारी कीमत भी चुकानी पड़ी थी। उनके पुत्रों और प्रपौत्रों को ब्रिटिश अधिकारियों ने सरेआम गोलियों से भून डाला। यही नहीं, उन्हें बंदी बनाकर रंगून ले जाया गया, जहां उन्होंने सात नवंबर, 1862 में एक बंदी के रूप में दम तोड़ा। उन्हें रंगून में श्वेडागोन पैगोडा के नजदीक दफनाया गया। उनके दफन स्थल को अब बहादुर शाह जफर दरगाह के नाम से जाना जाता है। आज भी कोई देशप्रेमी व्यक्ति जब तत्कालीन बर्मा (म्यंमार) की यात्रा करता है तो वह जफर की मजार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं भूलता। लोगों के दिल में उनके लिए कितना सम्मान था उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिंदुस्तान में जहां कई जगह सड़कों का नाम उनके नाम पर रखा गया है, वहीं पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी उनके नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया है। बांग्लादेश के ओल्ड ढाका शहर स्थित विक्टोरिया पार्क का नाम बदलकर बहादुर शाह जफर पार्क कर दिया गया है।


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